वर्तमान परिप्रेक्ष्य
- 15 अगस्त, 2021 को (75वें स्वतंत्रता दिवस पर) हिंदुस्तान कंप्यूटर्स लिमिटेड की सामाजिक उत्तरदायित्व शाखा (Social Responsibility Wing) एचसीएल फाउंडेशन ने आॅनलाइन पोर्टल मेरा ई-हाट (My-e-Haat) लांच किया।
उद्देश्य
- कारीगरों/शिल्पकारों का सशक्तीकरण करना।
- देश में हस्तशिल्प क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला को मजबूती प्रदान करना।
- शिल्पकारों की मान्यता, प्रशंसा एवं पारिश्रमिक में वृद्धि करना
- शिल्पकारों और ग्राहकों के मध्य सीधा संपर्क स्थापित करवाना।
महत्वपूर्ण बिंदु
- यह आॅनलाइन प्लेटफॉर्म शिल्पकारों एवं मुख्य उत्पादकों को इस पोर्टल पर अपने उत्पादों को सूचीबद्ध करने की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे वे ग्राहकों को अपना उत्पाद सीधे बेच सकेंगे।
- यह अनौपचारिक मध्यस्थों की लंबी आपूर्ति श्रृंखला से बाहर करने में सहायक होगा।
- अब तक इस पोर्टल पर 8 राज्यों के 30 साझेदार और 600 उत्पाद सूचीबद्ध हो चुके हैं।
- पोर्टल पर डिजिटल भुगतान (e-payment) सुविधा उपलब्ध होगी।
- पोर्टल पर वास्तविक समय उत्पाद ट्रैकिंग के अतिरिक्त आपूर्ति के समय भुगतान एवं एकीकृत परिवहन सुविधा भी उपलब्ध होगी।
- यह पोर्टल शिल्पकारों एवं प्राथमिक उत्पादकों को कौशल-विकास के अवसर प्रदान करने एवं बाजार संपर्क बढ़ाने के साथ ही सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और पात्रता के विषय में भी जानकारी उपलब्ध कराएगा।
- यह शिल्पकारों एवं उत्पादकों को कच्चे माल की खरीद, उत्पाद, डिजाइनिंग एवं प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन और बाजार संपर्क बढ़ाने के लिए विकल्प प्रदान करेगा।
- यह पोर्टल गुणवत्ता परीक्षण तंत्र, मूल्य निर्धारण, प्रोन्नति,विपणन एवं शिकायत निवारण के लिए विकल्प प्रदान करेगा।
महिला ई-हाट योजना
- यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के अधीन ‘राष्ट्रीय महिला कोष’ की वेबसाइट से 7 मार्च, 2016 को लांच की गई थी।
- उद्देश्य
- महिला स्वयं सहायता समूहों, स्वयं सेवी संगठनों एवं कुटीर उद्योगों से जुड़ी महिलाओं को उनके उत्पादों की आॅनलाइन बिक्री के लिए मंच प्रदान करना।
- महिला उद्यमियों का ग्राहकों के साथ सीधा संपर्क स्थापित कराना।
- उनके उत्पादों को वेबसाइट के माध्यम से प्रोन्नत करना।
- अभी तक इस साइट पर 554 वस्तुओं एवं सेवाओं की सूची उपलब्ध है।
- भविष्य में वेब डिजाइनिंग, टैटू बनवाना, कंप्यूटर प्रशिक्षण, हेयर कटिंग आदि सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा।
- अब तक महिला ई-हाट योजना से लगभग 2 लाख महिला उद्यमियों को जोड़ा जा चुका है।
संकलन-प्रभाकर पांडेय